Himachal Pradesh
13th Legislative Assembly ( Vidhan Sabha )
  • मानसून सत्र की समाप्ति पर संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए विधान सभा अध्यक्ष श्री विपिन सिंह परमार ।

    18/09/2020

       आज मानसून सत्र की समाप्ति पर संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए विधान सभा अध्यक्ष श्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि इस सत्र के दौरान सदन की कुल 10 बैठकें आयोजित हुई तथा सदन की कार्यवाही 47 घंटे चली। उन्होंने कहा कि  जब इस सत्र के आयोजन की तैयारियां चल रही थी शायद किसी को यह अंदाजा नहीं था कि विश्वव्यापी कोरोना महामारी के चलते दस दिवसीय सत्र का आयोजन हो पाएगा या नहीं। इस सत्र का आयोजन वास्तव में एक चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन विधानसभा सचिवालय के अधिकारी व कर्मचारी इसके के लिए सजग तथा पूरी तरह से समर्पित थे। इन सभी  के अथक प्रयासों तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के बहुमूल्य सहयोग से ही यह संभव हो पाया। जहां माननीय सदस्यों के लिए सदन के अंदर सामाजिक दूरी बनाए रखने  हेतु उनके आसन को 6 फुट उँची पॉलीकार्बोनेट शीटस से पृथक किया गया वहीं सभी को सर्जिकल फेस मास्क तथा सैनेटाईजर भी उपलब्ध करवाए गए। पत्रकार दीर्घा में बैठने हेतु पत्रकारों को कम पास आवंटित किए गए तथा विधान सभा सचिवालय, भवन, परिसर, सदन तथा दीर्धाओं को एक दिन में दो बार सत्र से पूर्व तथा सत्र समाप्ति के बाद सैनेटाईज किया गया। सभी मुख्य द्वारों पर माननीय सदस्यों, मीडिया के साथियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अपने हाथों को सैनेटाईज करने के लिए सैनेटाईजर से लैस पैडल द्वारा चालित मशीनों को रखा गया। सत्र में भीड़ कम करने के लिए आगंतुकों को किसी भी तरह के पास जारी नहीं किए गए तथा सत्र के कार्यों से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा  कर्मचारियों के पास में भी भारी कटौती की गई। उन्होंने कहा कि  मुख्य द्वारों पर प्रवेश करने से पहले सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की गई व किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टेस्टिंग वैन तथा एंबुलेंस विधान सभा सचिवालय में डॉक्टर की टीम के साथ व्यवस्थित की गई थी।

       इस सत्र के दौरान प्रथम दिन जहां माननीय सदस्यों द्वारा भारत रत्न व देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी को सदन में श्रद्धांजलि दी गई वहीं विधानसभा के पूर्व सदस्यों जिनका पिछले सत्र के बाद निधन हुआ था को भी श्रद्धांजलि दी गई।

       सत्र में जनहित के महत्वपूर्ण विषयों पर प्रश्नों के माध्यम से चर्चा हुई व सुझाव दिए गये जिनके दूरगामी परिणाम होंगे। इस सत्र के दौरान  कुल 434 तारांकित तथा  223 अतारांकित प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार द्वारा उत्तर उपलब्ध करवाए गए।

       नियम-67 के अन्तर्गत स्थगन प्रस्ताव जोकि कोविड-19 महामारी से सम्बन्धित था पर सदन में दो दिन चर्चा हुई, जिस पर विपक्ष व पक्ष के 28 सदस्यों (13 विपक्ष व 15 पक्ष ) ने 6 घण्टे 25 मिनट चर्चा में भाग लिया तथा चर्चा उपरान्त माननीय मुख्य मन्त्री जी ने 1 घण्टे 05 मिनट चर्चा का उत्तर दिया। नियम-61 के अन्तर्गत 5 विषयों, नियम-62 के अन्तर्गत 10 विषयों, व नियम-130 के अन्तर्गत 5 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें माननीय सदस्यों ने सार्थक चर्चा की। इसके अतिरिक्त नियम-101 के अन्तर्गत 2 गैर-सरकारी संकल्प तथा पिछले सत्र में प्रस्तुत संकल्प पर भी चर्चा की तथा माननीय सदस्यों ने अपने बहुमुल्य सुझाव दिये व संकल्प वापिस लिए गए।     

       इसके अतिरिक्त 12 सरकारी विधेयक भी सभा में पुर:स्थापित एवं सार्थक चर्चा उपरान्त पारित किये गए। जिनमें कि एक विधेयक में सरकार से संशोधन हेतु रखा गया और संशाधित रूप में पारित किया गया। नियम-324 के अन्तर्गत विशेष उल्लेख के माध्यम से 9 विषय सभा में उठाये गये तथा सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में वस्तुस्थिति की सूचना सभा व माननीय सदस्यों को दी गई।

       श्री परमार ने कहा कि सभा की समितियों ने भी 55 प्रतिवेदन सभा में उपस्थापित किये । इसके अतिरिक्त मन्त्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों से सम्बन्धित दस्तावेज भी सभा पटल पर रखे  गए तथा महत्वपूर्ण वक्तव्य भी दिये ।

       उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान उनका  भरसक प्रयास रहा कि सत्र की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण वातावरण में चले। इसके लिए उन्होंने  माननीय मुख्य मन्त्री , नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्य मन्त्री  श्री वीरभद्र सिंह जी  के सहयोग का धन्यवाद किया जिनकी वजह से वह इस माननीय  सदन  की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित  कर पाये।

       उन्होंने माननीय संसदीय कार्यमन्त्री व मुख्य सचेतक का भी धन्यवाद किया जिन्होंने सदन में दोनों पक्षों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखा । उन्होंने अपने सहयोगी माननीय उपाध्यक्ष, विधान सभा व सभापति तालिका के सदस्यों का जिन्होंने कार्यवाही के संचालन में बहुमूल्य सहयोग दिया का भी धन्यवाद किया।

       उन्होंने माननीय सदन के समस्त सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस सदन की समय सीमाओं और नियमों का पालन करते हुए अपने-अपने विषयों को सदन में उठाया ।

       श्री परमार ने विधान सभा सचिव और समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों/कर्मचारियों के सहयोग के लिए उनका आभार किया जिन्होंने विषम परिस्थितियों के बावजूद इस सत्र के लिए दिन-रात कार्यकर इस सत्र से सम्बन्धित कार्य को समयवद्ध तरीके से निपटाने में पूर्ण सहयोग दिया । उन्होंने  प्रिंट एवं इलैक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकारों  का भी धन्यवाद किया जिन्होंने विधान सभा की कार्यवाही को प्रदेश के जन-जन तक पंहुचाने में अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।

    (हरदयाल भारद्वाज),
    उप-निदेशक,
    लोक संपर्क एवं प्रोटोकॉल, 
    हि0प्र0 विधान सभा ।